रविवार, 26 दिसंबर 2021

आज फिल्म देखी शेरशाह

 



आज न तो 15 अगस्त है और न 26 जनवरी....लेकिन ये बात देशभक्ति नहीं जानती,इसे तो जब बाहर आना होता है तब आंसू के रूप में बाहर आ ही जाती है।देश प्रेम से बड़ा कोई प्यार हो ही नहीं सकता है....तिरंगे को देखकर जो सिहरन हमारे रगो में होती है वही होती है देशभक्ति। शहीदों पर,युद्ध लड़ाई पर जो भी फिल्में बनती है वो इतिहास के उन पलो को हमारे सामने फिल्माती है जो सच रहता है। कैसे कोई इंसान मरते वक्त भी चोटी पर तिरंगा लहराते हुए ही देखना चाहता है? कैसे एक बेटा अपने माँ-बाप सारे रिश्तों को पीछे छोड़कर मातृभूमि का कर्ज चुकाने,सिर पर कफन बांध निकल पड़ता है? गोली लगने के बाद भी कोई इंसान " भारतमाता की जय " कैसे बोल सकता है?.....लेकिन हम भूल जाते हैं कि ये सब सवाल कोई आम इंसान के लिए नहीं है..ये हमारे वीर,पराक्रमी भारतीय सैनिकों के लिए है,जो हर असंभव को संभव कर देते हैं। जो एक आम इंसान के बस की बात नहीं है....ये वही कर सकता है जो केवल और केवल " भारतीय सैनिक " हो। 

आज टीवी पर फिल्म आ रही थी " शेरशाह "....शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म थी। उससे एक दिन पहले मेरे भाई ने भारतीय सेना के पराक्रम, वीरता, बहादुरी की जानकारी मुझे दी थी.....मेरे भाई को बहुत गहरा ज्ञान है भारतीय सेना के बारे में...उसने बहुत-सी किताबें पढ़ी हैं,वीडियो देखा है यू ट्यूब पर....

मेरे भाई ने मुझे बताया कि माउंटेन पर युद्ध लड़ने वाली दुनिया की सबसे बड़ी सेना भारतीय सेना है,हमारी सेना के खून में जोश,बहादुरी,हिम्मत और देशभक्ति दौड़ती है। हो चाहे चीन या पाकिस्तान या अमेरिका...कोई भी भारत की सेना के सामने खड़ा नहीं हो सकता है।

हम कितने किस्मतवाले हैं जो हमने " हिन्दुस्तान " जैसे देश में जन्म लिया है और इस मातृभूमि की महान मिट्टी को माथे पर लगाने का हक हमें मिला है।

हम आज अपने घरों में आराम से,बेखौफ होकर बैठे हैं,तो सिर्फ हमारी भारतीय सेना की वीरता के कारण....हम जानते हैं कि सीमा पर हमारी रक्षा के लिए हमारी भारतीय सेना है और इसी वजह से बेफिक्र होकर हम रातों को सो पाते हैं।

हमारी सेना में जो देशभक्ति है उसका दूसरा उदाहरण इस पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलता है,आज की फिल्म देखकर भी मुझे यही लगा कि देश प्रेम का जज्बा,तिरंगे के लिए प्यार और अपनी देश की मिट्टी से अथाह इश्क हमारी भारतीय सेना के दिलों में समाया हुआ है। हमारी सेना मौत की आँखों में आँख डालकर देखने हिम्मत रखती है, सिर पर कफन बांधकर दुश्मन को धूल चटाना ये जानती है। बहुत गर्व होता है अपनी भारतीय सेना पर।

आज मैंने दिनभर सभी कामों को जल्दी खत्म किया और बैठ गई " शेरशाह " फिल्म देखने.....इस पूरी फिल्म को देखने के बाद मन में एक ही आवाज आई " जय हिन्द "

" हे मातृभूमि तू महान है मेरी भारतभूमि,

है हम सौभाग्यशाली जो बनी हमारी ये जन्मभूमि....

अपना फर्ज हम हर हाल में हमेशा निभाएंगे,

तेरी सुरक्षा करते करते मौत को गले लगाएंगे....

गर्व करते रहेंगे हम सदा अपने तिरंगे पर,

दुश्मन की हल गोली को झेलेंगे हम अपने सीने पर....

कोई आँख अपने देश पर न हम कभी उठने देंगे,

दुश्मन को कभी सीमा पार न हम कभी करने देंगे....."


आज सुबह हम सबने चाय पर चर्चा की...आज का विषय था,हमारे कॉलोनी के हर घर की अपनी-अपनी कहानी...जिससे हम अवगत करा रहे थे अपने घर की नई बहुरानी " वर्षा " भाभी को.....बातें कुछ खट्टी और कुछ मीठी थी.,बिल्कुल बाजार में मिलने वाले चटपटे चाट की तरह....बहुत मजा आया हम सबको। जीवन में हल्की फुल्की बातें भी होनी चाहिए...इससे जिन्दगी में मस्ती आती है।

आज मम्मी ने चिकन बनाया....लेकिन मैं और भाई नहीं खाते हैं हम शाकाहारी है...मतलब घास-फूस खाने वाले...वैसे वर्षा भाभी को मम्मी के हाथ का चिकन बहुत पसंद आया....हमने और भाई ने बाहर से खाना मंगवाया था...वही पनीर की सब्जी और बटर नॉन....वर्षा भाभी ने बहुत टेस्टी पुलाव भी बनाया...कुल मिलाकर हमने तो क्रिसमस आज ही मनाया।

आज बादल लगा रहा दिन भर...धूप का हल्का दर्शन हुआ पर बहुत नरम धूप रही...हवा भी खूब चल रही थी...मौसम अनुमान में एक-दो दिन में बारिश होने की संभावना जताई है।

आज सुबह जब मैं बुक की एडिटिंग कर रही थी,तभी एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी,जिससे धरती हिल गई....मुझे तो लगा कि भूकंप आया है पर बाद में पता चला कि बेला के पास नूडल्स की फैक्ट्री में बॉयलर फट गया था,जिससे बहुत लोग भी मारे गए है और बहुत घायल भी हुए है...पूरी बात तो कल के न्यूजपेपर से ही पता चलेगी।

आज के लिए बस इतना ही...कल फिर मिलते हैं...

आज की टैग लाइन रही " जय हिन्द "

------- अनुगुंजा

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