माँ और बच्चे का रिश्ता सबसे अनमोल होता है,ये नाता हर रिश्ते से नौ महीना ज्यादा होता है....हमारे जीवन में हमारी " माँ " सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है,क्योंकि सिर्फ यही नि:स्वार्थ भाव से सिर्फ अपने बच्चे के लिए सोचती है,दुआ मांगती है और आशीर्वाद देती है। किसी ने सही कहा कि वो किस्मत वाले होते हैं जिनके पास उनकी " माँ " होती है। माँ अपने बच्चे के लिए भगवान से भी लड़ सकती है,मौत को हरा सकती है और असंभव को संभव कर देती है। " माँ " सबसे बड़ी ताकत होती है। जब मैंने ये पेंटिंग बनाई थी,तो उस समय भी मेरे मन में " माँ " का यही रूप समाया था,जो हर आग से अपने बच्चे को बचाती है। नीचे मैं अपनी पेंटिंग की फोटो डाल रही हूँ...
मेरी मम्मी इस दुनिया की सबसे प्यारी " माँ " है,वो शरीर से बहुत लाचार है पर हमारे लिए हमेशा कुछ भी करने को तैयार रहती है।मेरी मम्मी को कान से कम सुनाई देता है पर मेरे मन की आवाज वो हमेशा सुन लेती है,जो मैं नहीं कहती हूँ उसे भी वो महसूस कर सुन लेती है। मुझे कभी हिम्मत हारने नहीं देती,हमेशा कहती हैMy Hindi blog is based on things related to daily life, society, country, food, poetry, painting, corona, women's safety.
शनिवार, 18 दिसंबर 2021
मेरी मम्मी मेरी दोस्त
" तेरे टैलेंट को मुकाम जरूर मिलेगा "..उसके ये शब्द मेरे लिए " पावर बुस्टर " का काम करते हैं।आज मैं जो कुछ भी लिखती हूँ,पेंटिंग बनाती हूँ,स्पीच देती हूँ,वीडियो बनाती हूँ...सबके पीछे मेरी मम्मी है,वो है तो मैं हूँ।मैं अपनी हर बात मम्मी से शेयर करती हूँ,मम्मी मेरी गुरू भी है और दोस्त भी है। मैं बहुत किस्मत वाली हूँ जो मुझे इतनी प्यारी मम्मी मिली। भगवान का बहुत शुक्रिया।
आलू-गोभी-मटर की सब्जी----
सबके घर में ये सब्जी ठंड के मौसम में तो जरूर बनती होगी...मेरे विचार से इसे "हिन्दुस्तान की सबसे आम सब्जी" का टैग तो जरूर मिलना चाहिए।सर्दी का मौसम शुरू होते ही गोभी,मटर,धनिया पत्ता आना शुरू हो जाता है,फिर क्या है,चाहे घर आने वाली सब्जी वाली हो या ठेले पर सब्जी बेचने वाला सब्जीवाला..सबके पास ये गोभी,मटर,धनिया पत्ता तो रहता ही रहता है।हर घर से लोग थैले भर-भर कर ये सब्जी लेते हैं।हम लगातार आलू-गोभी-मटर-टमाटर की सब्जी खा-खाकर ऊब जाते हैं...पर इन सब्जियों का चार्म कम नहीं होता है। इसलिए आज मैं आपकी इस सब्जी की रेसिपी नहीं बताऊंगी...क्योंकि इसे बनाना तो सब जानते हैं। आज जो सब्जी मैंने बनाई वो सबको बहुत पसंद आई....बहुत टेस्टी बनी थी।आज सुबह हमारी चाय पर चर्चा हुई...मुद्दा था हमारे मोहल्ले में होता सड़क जाम...हमारे मोहल्ले की सड़क बहुत रास्तों से ओपन है जिससे कभी ऑटो रिक्शा,कभी बाइक का जाम लगा ही रहता है।इस जाम और ज्यादा ट्राफिक होने से मोहल्ले की सड़क बुरी तरह टूटी है,जगह जगह पर ठोकर हैं...और उसपर अगर बारिश हो जाती है तो तुरंत घुटना-भर पानी लग जाता है।हमारी कॉलोनी के नाले की सफाई भी नहीं होती है,हमेशा गंदगी से भरा रहता है। कॉलोनी में वाहनों का आना-जाना इतना अधिक होता है कि मॉर्निंग वॉक करने वाले बुजुर्ग,स्कूल जाने वाले बच्चे,सब्जी लेने जाने वाले..कोई भी दुर्घटना का शिकार हो जाता है।शांति और सुकून हमारी कॉलोनी से कोसो दूर है,बस वाहनों की तेज आवाज का शोर ही सुनाई देता है।इस सबके बावजूद लोग कॉलोनी की सड़क पर अपनी बाइक,स्कूटी का लगा देते है और आधे रोड का अतिक्रमण करते हैं,जो जाम का मुख्य कारण बनता है।लेकिन हमारी इन समस्याओं से स्थानीय प्रशासन को कुछ लेना-देना नहीं है। हमारी कॉलोनी के बाद की हनुमाननगर कॉलोनी की स्थिति बहुत अच्छी है,वो कॉलोनी बहुत शांत है और वहां बच्चे बेखौफ होकर सड़क पर खेलते नजर आ जाते हैं। तो बस इसी विषय पर हम चाय पर चर्चा किए।
तो बस आज के लिए बस इतना ही,कल फिर मिलते हैं....
आज की टैग लाइन रही " मेरी माँ "
------ अनुगुंजा
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
जन्मदिन मम्मी का
अगर हो सकता तो, मैं तारें तोड़ लाती, तेरी पैरों की पायल में सजा डालती.... कदमों में "माँ" तेरी जन्नत बसती है मेरी, तेरी हर आहट ...
-
माँ और बच्चे का रिश्ता सबसे अनमोल होता है,ये नाता हर रिश्ते से नौ महीना ज्यादा होता है....हमारे जीवन में हमारी " माँ " सबस...
-
है आज जन्मदिन मेरी मम्मी का, जिसके लिए मांगू मैं दुआ लम्बी उम्र का.... चेहरे पर खिली रहे मुस्कुराहट की लकीरे, उसकी वजह से ही है बनती मेरी ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Please do not enter any spam link in the comment box.