अगर हो सकता तो, मैं तारें तोड़ लाती,
तेरी पैरों की पायल में सजा डालती....
कदमों में "माँ" तेरी जन्नत बसती है मेरी,
तेरी हर आहट पर धड़कन चलती है मेरी....
आज है तेरा जन्मदिन, जो मेरे मन में उल्लास है भरता,
क्या करूं तेरे लिए,यही सोच चक्र मेरा है चलता.....
कोई भी तोहफा मेरे मन को नहीं भाता,
तेरे आगे सब छोटा ही दिखता जाता.....
ईश्वर से प्रार्थना में मांगू तेरी लम्बी उम्र,
चाहूं बस तुझे मुस्कुराता देखूं मैं ताउम्र.....
बड़ी किस्मत से मिली है मुझे तेरे जैसी माँ,
तुझ-सा न हुआ और न होगा,क्योंकि तू है एक उपमा....
है मेरा परम सौभाग्य, जो बनी मैं तेरी बेटी,
अपने आंचल में तूने मेरे लिए सिर्फ खुशीयां है समेटी....
------ अनुगुंजा

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