शनिवार, 6 नवंबर 2021

भाई दूज की मंगलकामना

रिश्तों का कोमल बंधन है " भाई दूज "

भाई-बहन का रिश्ता अहसास,प्यार और भावना का होता है....यही इस रिश्ते का आधार होता है। " भाई दूज " पर बहन पूरे रीति-रिवाज के साथ पूजा करती हैं जिसमें वो अपने भाई की लम्बी आयु की कामना करती हैं...इसके साथ ही भाई का जीवन सुख-शांति-खुशी से पूर्ण रहे,ये भी मांगती हैं।इसमें कथा सुनने की भी प्रथा है....जो भाई-बहन के अटूट प्रेम पर आधारित होती है।इसमें बहने पहले अपने भाई को शरापती हैं,फिर जीभ में रेगिनी का कांटा चुभाकर,भाई के लिए लम्बी आयु मांगती है....ये सब भाई दूज मनाने का नियम होता है।इसमें बहने रूई से माला(छोटा या बड़ा) बनाती है जिसपर हल्दी या सिंदूर लगाती हैं....इसे आयु जोड़ना कहते हैं।भाई की आरती उतारी जाती है,माथे पर तिलक लगाया जाता है,बजरी निगलने को दिया जाता है,मिठाई भी खिलाई जाती है....और भाई के कान पर रूई का बना माला पहनाती है बहनें।ये सारी विधी होने के बाद भाई...अपनी बहन को रूपये देते हैं....कहावत है " बजरी खइहा,बज्जर रहिहा...दान न दिहा,दलिदर रहिहा "....

ये भाई दूज " छोटी दिवाली " के ठीक बाद मनाया जाता है....ये व्रत,पूजा,अराधना,भक्ति,प्रेम,भाव ही हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान है।

कल से ही मुझे तेज बुखार हो गया है....इसलिए तबियत बिलकुल ठीक नहीं है।बुखार के असर से आँख भी नहीं खुल रहा है...कमजोरी तो हद से ज्यादा है। लेकिन रोज़ आप तक ब्लॉग पहुँचाना है,इसलिए दवा लेकर लिख रही हूँ।काम में कोताही बरतना मुझे पसंद नहीं है।

मेरी बनाई ऑयल पेंटिंग..." मलयालम की युवती "...ये पेंटिंग मैंने सुप्रसिद्ध चित्रकार " राजा रवि वर्मा " की पेंटिंग को देखकर बनाया है....

उम्मीद करती हूँ...आपको अच्छी लगेगी।


मामी की बनाई कढ़ी की रेसिपी----
मामी ने चना दाल को फुलाकर पीसा...फिर इसमें आलू-प्याज के छोटे-छोटे टुकड़े भी डाले,फिर अदरक-लहसून,हल्दी,लाल मिर्च पाउडर,धनिया पाउडर,काली मिर्च पाउडर,हरी मिर्च...डालकर अच्छी तरह मिला लें( नमक इसमें अभी न डाले,इससे बड़ी सख्त हो जाता है) कढ़ाई में तेल गर्म कर इसकी बड़ी छानते जाएं...और बगल में रखे पतिले में नमक वाले पानी में बड़ी को डूबाते जाए...इससे नमक बड़ी में चला जाता है और बड़ी नरम भी होता है।
फिर उसकी ग्रेवी तैयार करने के लिए...पहले से दही,हल्दी,लाल मिर्च पाउडर( जो मसाला आप डालना चाहें) नमक को अच्छी तरह मिला लें,फिर कढ़ाई में इसे गैस पर चढ़ा दें...जब उबाल आने लगे तो इसमें " हींग,करी पत्ता,सूखी लाल मिर्च,जीरा " का तड़का डालें...और फिर इसमें बड़ी डाल दें।अंत में धनिया पत्ता डाले।बस बन गई....टेस्टी " मामी की कढ़ी "...ट्राई जरूर करें।

आज के लिए बस इतना ही...कल फिर मिलते हैं....
आज का टैग लाइन..." हेल्थ सबकुछ है "
---------- अनुगुंजा



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