रविवार, 7 नवंबर 2021

कल शुरू छठ महापर्व

 जय छठी मईया

कल से छठ व्रती सब " नहाय-खाय " के साथ छठ व्रत की शुरूआत करेंगी।छठ पर्व केवल बिहार का ही नहीं,बल्कि इस पूरी दुनिया का सबसे महान पर्व है....जहां भक्त और भगवान समान रूप से पूज्य होते हैं।जो छठ व्रत करते हैं,वो भी पूज्य बन जाते हैं।इस छठ पर्व में बहुत कड़े नियम होते हैं,जिसका पालन सबको पूरी सावधानी के साथ करना पड़ता है,कोई लापरवाही की गुंजाइश नहीं होती है।इस महान पर्व का कड़ा नियम ही इसे सबसे अधिक श्रद्धापूर्वक ढंग से मनाने की भक्ति देता है।

" नहाय-खाय " में छठ व्रती सब, बाल धोकर स्नान करने के बाद,नाखून काटती हैं,सिंदूर लगाती है, आलता से पैर रंगती है,लाह की लहठी पहनती है और "अरबा चावल,चना का दाल,कद्दू की सब्जी(बिना लहसून-प्याज के ) और आलू-परवल का बचका या पकौड़ी बनाती है और ग्रहण करती हैं।" 

मेरे घर में मेरी मामी और मेरी मम्मी दीदी(मौसी) ये महान व्रत करती हैं।सभी छठ व्रती को मेरा कोटि कोटि प्रणाम।

बिना लहसून-प्याज के मामी ने बनाई सब्जी----

आलू और गोभी की ये सब्जी बहुत टेस्टी थी....भाई को बहुत पसंद आई।ये सब्जी खाकर ऐसा लगा कि बिना लहसून-प्याज के भी स्वादिष्ट सब्जी बन सकती है।हमें जितना हो सके कम तेल में खाना बनाना चाहिए और लहसून-प्याज का कम इस्तेमाल करना चाहिए,क्योंकि इससे एक तो हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा,मोटापा या चर्बी की समस्या नहीं होगी और दूसरा सात्विक भोजन तन-मन दोनों को शुद्ध रखता है।

छोटू जी छत पर-----
छोटू बहुत बीमार रहता है,हमेशा कुछ न कुछ उसको होता ही रहता है पर जब भाई उसको ऊपर छत पर लेकर जाता है,तो छोटू के अंदर गजब की फुर्ती आ जाती है।तब मुझे ऐसा लगता है कि हर इंसान को घर से बाहर घूमने के लिए जरूर निकलना चाहिए.....इससे आपकी एनर्जी बरकरार रहती है,तन-मन खुश रहता है..इंसान एक्टिव मोड पर आ जाता है।मैं ये सब बातें अपनी मम्मी को समझाने की पूरी कोशिश कर रही हूँ,ताकि वो भी बाहर घूमे,देखते हैं कितना सफल होते हैं।

वैसे आप सबकी दुआ से मेरा बुखार आज थोड़ा कम हैं...तब ही तो भाई और मम्मी के साथ मार्केट जा सकी...ये अलग बात है कि मैंने बुखार उतरने वाली दवा " पाराजेसिक " खाया था।

आज के लिए बस इतना ही....कल फिर मिलते हैं....
आज की टैग लाइन-- " जय छठी मईया "
------ अनुगुंजा







कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Please do not enter any spam link in the comment box.

जन्मदिन मम्मी का

  अगर हो सकता तो, मैं तारें तोड़ लाती, तेरी पैरों की पायल में सजा डालती....  कदमों में "माँ" तेरी जन्नत बसती है मेरी, तेरी हर आहट ...