शनिवार, 9 अक्टूबर 2021

आज मैं पेंटर बन गई

 अरे !!!! भई...चौंकिये नहीं....मैं बचपन से चित्रकला करती हूँ,तो इस हैसियत से मैं पेंटर कहला सकती हूँ......लेकिन आज जो पेंटर के बारे में कह रही हूँ वो घरों की दीवारों को पेंट करने वाले की है।सो केवल आज के लिए बन गई मैं पेंटर.....जब पेंटर पेंट कर रहे थे तो मेरे सामने रंग डब्बा और ब्रश रखा था,पहले तो मैंने रंग के डब्बे और ब्रश को अनदेखा करने की बहुत कोशिश की,लेकिन मेरे अंदर का कलाकार ज्यादा देर नजरअंदाज नहीं कर सका...फिर मैंने ब्रश उठाया और शुरू कर दिया दीवारों पर रंग करना।जब तक मेरे हाथों में दर्द नहीं हुआ,तबतक मैं पेंट करती रही...बहुत मजा आ रहा था।मुझे पेंट करता देखकर पेंटर वाले भईया हंसते हुए बोले " दीदी,इससे हमारा काम ही बंद हो जाएगा ".....सबसे अच्छी बात ये है कि जो भी पेंट मैंने किया,वो एकदम सही था,ऐसा पेंटर भईया ने बोला था।आज मैंने एक बात समझी,हमें जो अच्छा लगे उसे करना चाहिए....ये कभी नहीं सोचना चाहिए कि लोग क्या कहेंगे,अपनी अंतरआत्मा की आवाज को कभी अनसूना नहीं करना चाहिए।

कानून का सम्मान हम सबको करना चाहिए,कभी अपने हक का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।अगर कानून औरत को अधिकार देता है कि वो अपनी रक्षा करें,तो इसका मतलब ये नहीं कि कोई नारी शातिर बन जाए और केवल अपने मुनाफे,लालच,लोभ,स्वार्थ के बारे में सोचने लगे और साजिश रचने लगे।जरूरी नहीं कि हमेशा पुरूष ही गलत होता है,कभी कभी औरत भी गलत हो सकती है।आप सोच रहे होंगे कि अचानक मैं औरतों के विरोध में क्यों बोल रही हूँ....असल में जब भी मैं न्यूजपेपर पढ़ती हूँ तो बहुत सी ऐसी खबरें होती हैं जो ऐसी शातिर बहू के बारे में होती है,जो अपने बेकसूर ससुराल वालों को कानून की धौंस दिखाकर फंसाती है।मुझे तब दुख होता है और तब मैं यही सोचती हूँ कि जिस जरूरतमंद महिला को जरूरत है कानून की सुरक्षा की,उसे तो मिल नहीं पाती....पर जो तिकरमबाज महिला है वो बाजी मार लेती है और कानून को अपना हथियार बना लेती है।ऐसी महिलाएं फिल्म जगत,टीवी जगत में भी पाई जाती है...उनके बेचारे ससुराल वाले ही प्रताड़ित होते रहते हैं।

चलिए...अब बात करते हैं मम्मी के आज के खाने की।तो मम्मी ने बनाया " ततरूआ पुआ "....इसमें आटा,घी,चीनी,छोटी इलाइची को दूध में सानकर घोल बनाकर,तवा पर गोल आकार में फैलाकर घी से सेक कर बनाया जाता है।ये बहुत पतला होता है और उतना ही मुलायम भी होता है।खाने में बहुत टेस्टी लगता है...इसे हल्के नाश्ते के रूप में हम खा सकते हैं।इसके साथ लाल मिर्च का अचार बहुत स्वादिष्ट लगता है।आप भी बनाकर देखे।

आज के लिए बस इतना ही....कल फिर मिलते हैं...

----- अनुगुंजा

मेरी कलाकारी.....दीवारों पर







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