रविवार, 31 अक्टूबर 2021

मोबाइल से दुर्घटना

आज का समय मोबाइल के चारों तरफ घूमता है...टिक-टिक करती हुई घड़ी के समान।हम चाहें या न चाहें...मोबाइल से हमें जुड़ना ही पड़ता है।अब तो शायद ही किसी के घर लैंडलाइन वाला फोन होगा...जो अपनी बेसुरी आवाज ट्रींग-ट्रींग के लिए मशहूर था,तारों से लिपटा हुआ प्लास्टिक का डब्बा,यही थी लैंडलाइन की पहचान।

आज की सुबह मुझे पता चला कि बस से उतरते समय अपने मोबाइल पर वाट्स एप मैसेज चेक करते समय...एक मोटरसाइकिल वाले ने मेरी मौसी को जोरदार टक्कर मारकर,जख्मी कर दिया।उनका सिर फट गया और टांके भी लगे।हम सब सुनकर तो अवाक रह गए...बहुत दुख हो रहा था।मौसी को वैसे ही शुगर की बीमारी है ऊपर से ये कष्ट।भगवान से प्रार्थना है कि उनको जल्द ठीक कर दें।

मोबाइल जहां वरदान है,वहीं ये अभिशाप भी है।हम अक्सर न्यूजपेपर में भी पढ़ते हैं कि मोबाइल पर गेम खेलते हुए या मोबाइल पर बात करने के कारण हुई दुर्घटना,इयर फोन कान में लगाकर मोबाइल से बात करने के दौरान ट्रेन से कटकर मौत....इन खबरों से भरा रहता है अखबार,पर हम ही नजरअंदाज कर देते हैं।याद रखें...सावधानी ही बचाव है।


रेसिपी
कल मैंने आपसे वादा किया था कि मैं आज आपसे " आलू की चटनी " की रेसिपी शेयर करूंगी....तो हाजिर हूँ...
सबसे पहले आलू को उबाल लें,फिर हाथों से उसे अच्छी तरह तोड़कर मसल लें....
सूखी कढ़ाई में दो चम्मच पीला सरसों और एक चम्मच पचफोड़न को भूने और दरदरा पीस लें।उसके बाद इसे आलू में अच्छी तरह मिला लें।फिर नमक,हरी मिर्च,हल्दी और एक चम्मच लहसून को आलू में मिला लें।उसके बाद कढ़ाई में सरसो का तेल खूब गर्म कर लें...फिर इसमें हींग,करी पत्ता(अगर हो तो)डाले और जब कड़कड़ाने लगे तो इसमें तैयार आलू डालकर खूब भूजे।जब लगे कि अच्छी तरह भून गया है तो गैस पर से उतार लें....लो बन गयी " आलू की चटनी "....खूब खाएं चटखारे लेकर।सबसे अच्छी बात ये चटनी फ्रिज में एक सप्ताह तक बिना खराब हुए रह सकती है।

बाजार गुलजार है---

दिवाली और छठ महापर्व ने बढ़ाई सुंदरता---







शॉपिंग तो रोज होगी....जिसकी फोटो मैं आपसे जरूर शेयर करूंगी और अपने अनुभव भी बताऊंगी।वैसे अभी तक की शॉपिंग का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा....हमें अपनी पसंद का सामान नहीं मिला।एक होलसेल वाले कपड़े के दुकान का अनुभव तो बहुत ही खराब रहा...मूड ऑफ हो गया,कहने को बहुत बड़ा दुकान,जहां हर तरह का कपड़ा(रेडिमेड भी)मिलता है....पर क्वालीटि एकदम बकवास थी।पुराना और आउट डेटेड माल दिखा रहा था।मेरे भाई का मूड बहुत खराब हो गया....

अगर कपड़ों की कोई अच्छी दुकान हो,तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं....लेकिन हां...वहां क्वालीटि अच्छी होनी चाहिए।

आज के लिए बस इतना ही....कल फिर मिलते हैं....

----- अनुगुंजा






 

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