आज की सुबह मुझे पता चला कि बस से उतरते समय अपने मोबाइल पर वाट्स एप मैसेज चेक करते समय...एक मोटरसाइकिल वाले ने मेरी मौसी को जोरदार टक्कर मारकर,जख्मी कर दिया।उनका सिर फट गया और टांके भी लगे।हम सब सुनकर तो अवाक रह गए...बहुत दुख हो रहा था।मौसी को वैसे ही शुगर की बीमारी है ऊपर से ये कष्ट।भगवान से प्रार्थना है कि उनको जल्द ठीक कर दें।
मोबाइल जहां वरदान है,वहीं ये अभिशाप भी है।हम अक्सर न्यूजपेपर में भी पढ़ते हैं कि मोबाइल पर गेम खेलते हुए या मोबाइल पर बात करने के कारण हुई दुर्घटना,इयर फोन कान में लगाकर मोबाइल से बात करने के दौरान ट्रेन से कटकर मौत....इन खबरों से भरा रहता है अखबार,पर हम ही नजरअंदाज कर देते हैं।याद रखें...सावधानी ही बचाव है।
बाजार गुलजार है---
दिवाली और छठ महापर्व ने बढ़ाई सुंदरता---
शॉपिंग तो रोज होगी....जिसकी फोटो मैं आपसे जरूर शेयर करूंगी और अपने अनुभव भी बताऊंगी।वैसे अभी तक की शॉपिंग का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा....हमें अपनी पसंद का सामान नहीं मिला।एक होलसेल वाले कपड़े के दुकान का अनुभव तो बहुत ही खराब रहा...मूड ऑफ हो गया,कहने को बहुत बड़ा दुकान,जहां हर तरह का कपड़ा(रेडिमेड भी)मिलता है....पर क्वालीटि एकदम बकवास थी।पुराना और आउट डेटेड माल दिखा रहा था।मेरे भाई का मूड बहुत खराब हो गया....
अगर कपड़ों की कोई अच्छी दुकान हो,तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं....लेकिन हां...वहां क्वालीटि अच्छी होनी चाहिए।
आज के लिए बस इतना ही....कल फिर मिलते हैं....
----- अनुगुंजा
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