शनिवार, 30 अक्टूबर 2021

मस्त छोला-भटुरा

 

मैंने आपको अपने कल के ब्लॉग में बताया था कि हम शॉपिंग करने जाने वाले हैं।सबसे अच्छी बात रही कि मैंने भाई का गुम हुआ छोटा वाला आईना आज खोज दिया था....तो भाई अपने वादे के अनुसार समोसा खिलाने वाला था पर खिलाया " छोले-भटुरे "....वो भी बहुत अच्छे रेस्टोरेंट का,बहुत टेस्टी था।फोटो देखकर मुँह में तो पानी आ ही गया होगा...है...न...

असल में शॉपिंग करते करते हम दोनों भाई-बहन को बहुत भूख लग गई थी....सो भाई ने फोन कर मम्मी को बोल दिया कि हमारा खाना न बनाए....और हमने मस्त वाला " छोला-भटुरा " खाया।

इधर मम्मी ने तब तक हमारे लिए मसाले वाली चने की दाल,आलू का चोखा,परवल की सब्जी,चावल और....."आलू की चटनी "....सही सुना आपने "आलू की चटनी" बना लिया था।हम सबका फेवरेट है आलू की चटनी....मेरी बहन महिमा को तो ये बहुत पसंद है...,ये होता ही इतना टेस्टी है कि क्या कहें....आप इसके साथ सिर्फ चावल दाल बड़े आराम से खा सकते हैं।पर अफसोस आज हमने ये नहीं खाया...क्योंकि हमने जमकर छोला भटुरा जो खाया था।आलू की चटनी का पहले फोटो देखे.....

इसकी रेसिपी मैं कल के ब्लॉग में बताऊंगी....आज फोटो से ही संतोष करें।
कल मैंने बताया था कि हमारे बॉक्स रूम की सफाई के लिए मुखियाइन(मामी की काम वाली बाई) का बेटा आने वाला था....तो बेचारा दुनिया का सबसे बिजी बंदा आया,और बोला कि आपका काम एक-दो घंटे का है,इसलिए वो शाम को आकर कर देगा...तबतक वो दिनभर वाला काम दूसरे के यहां कर लेगा।शाम को वो आया और एक घंटा भी काम नहीं किया...और ले गया 150 रूपये।वाह !!!!! पक्का प्रोफेशनल निकला....
आज रात मम्मी रोटी,चना का दाल और आलू का चोखा बनाएंगी या खिचड़ी भी बना सकती है,क्योंकि शनिवार है....देखते हैं....
बाजार में बहुत ज्यादा भीड़ है....कल बहुत सी फोटो शेयर करूंगी....कल भी शॉपिंग पर भाई के साथ जाना है....अभी शाम की चाय हमारी हो गई है...खिड़की बंद कर ली है,क्योंकि बहुत मच्छर आ जाते हैं और ठंड भी लगती है।
तो बस आज के लिए बस इतना ही...कल फिर मिलते हैं...
-----; अनुगुंजा



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Please do not enter any spam link in the comment box.

जन्मदिन मम्मी का

  अगर हो सकता तो, मैं तारें तोड़ लाती, तेरी पैरों की पायल में सजा डालती....  कदमों में "माँ" तेरी जन्नत बसती है मेरी, तेरी हर आहट ...