मैंने आपको अपने कल के ब्लॉग में बताया था कि हम शॉपिंग करने जाने वाले हैं।सबसे अच्छी बात रही कि मैंने भाई का गुम हुआ छोटा वाला आईना आज खोज दिया था....तो भाई अपने वादे के अनुसार समोसा खिलाने वाला था पर खिलाया " छोले-भटुरे "....वो भी बहुत अच्छे रेस्टोरेंट का,बहुत टेस्टी था।फोटो देखकर मुँह में तो पानी आ ही गया होगा...है...न...
असल में शॉपिंग करते करते हम दोनों भाई-बहन को बहुत भूख लग गई थी....सो भाई ने फोन कर मम्मी को बोल दिया कि हमारा खाना न बनाए....और हमने मस्त वाला " छोला-भटुरा " खाया।
इधर मम्मी ने तब तक हमारे लिए मसाले वाली चने की दाल,आलू का चोखा,परवल की सब्जी,चावल और....."आलू की चटनी "....सही सुना आपने "आलू की चटनी" बना लिया था।हम सबका फेवरेट है आलू की चटनी....मेरी बहन महिमा को तो ये बहुत पसंद है...,ये होता ही इतना टेस्टी है कि क्या कहें....आप इसके साथ सिर्फ चावल दाल बड़े आराम से खा सकते हैं।पर अफसोस आज हमने ये नहीं खाया...क्योंकि हमने जमकर छोला भटुरा जो खाया था।आलू की चटनी का पहले फोटो देखे.....
इसकी रेसिपी मैं कल के ब्लॉग में बताऊंगी....आज फोटो से ही संतोष करें।
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