संडे की सुबह बहुत ठंडक वाली रही,वैसे ठंड का बढ़ना शनिवार की शाम से ही था...पर संडे को सर्द हवाओं का जोर कुछ ज्यादा ही बढ़ गया। हम तो शॉल से कान ढके रहे पूरा दिन....दोनों हाथ बर्फ की तरह जम रहा है,अभी शाम को तो बहुत ज्यादा ठंड लग रही है। सूर्य देवता की गर्मी आज धूप में महसूस नहीं हुई...हवा इतनी तेज और ठंडी चल रही थी, कि क्या कहे....लगता है एक-दो दिन में लकड़ी जलाकर आग तापने की नौबत आ ही जाएगी।
आज सुबह मेरी भाभी वर्षा ने पुराने बर्तन लेकर नए बर्तन देने वाले को बुलाया,इस ठंड में जहां हम घर में दुबकर रहते हैं वहीं इन मेहनतकशों को साइकिल पर अपना सामान बेचना पड़ता है,इनके लिए भी ठंड है पर ठंड से बढ़कर पैसा कमाने और घर चलाने की जरूरत है।
इस फोटो को देखकर यही लगता है कि कोई मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती,अगर दृढ़ता अडिग हो तो....ऐसी कड़ी मेहनत करने वाले हमें बहुत मिल जाते हैं,कभी सब्जी बेचने वाली,कभी शाम की ठंड में दूध देने वाले भईया,तो कभी कचरा उठाने वाले....हमें इन सबके मेहनत की कद्र करनी चाहिए।
आज सुबह का नाश्ता चूड़ा का पोहा या पुलाव रहा...वो भी गरमागरम.,जिसे मेरी भाभी वर्षा ने बनाया था,बहुत टेस्टी बना था....
जब सुबह का नाश्ता अच्छा होता है तो पूरा दिन अच्छा होता है....
ऑल थैंक्स टू भाभी वर्षा....
मम्मी ने बनाया आज अंडा-करी-----
जब घर में सब मिलकर काम करते हैं तो उसका मजा ही कुछ और होता है...हमें सबके हाथ का कुछ न कुछ खाने को मिल जाता है। दोपहर के खाने में मम्मी ने अंडा-करी,आलू-गोभी का भुजिया बनाया और मैंने सिर्फ चावल बनाया....अंडा करी बहुत टेस्टी बनाई थी मम्मी ने.....साथ में भुजा हुआ हरा मिर्चा भी था और साथ में धनिया का चटनी....बहुत आनंद आया....इसे ही परिवार कहते हैं।
टीवी पर आज शाम पापा ने जब " रामायण " देखा,तो बोले पापा कि लगता है कोरोना फिर बढ़ रहा है,तभी तो धार्मिक सीरियल शुरू हो गए हैं।
आज शाम को भाई-भाभी डिजनीलैंड मेला देखने गए..वहां भीड़ बहुत ज्यादा थी और मेला भी कुछ खास नहीं था...तो बस वो वहां का फेमस "लाल मिर्च का अचार" लेकर चले आए। वहां पर फैली भीड़ को देखकर यही लगता है कि लोग कोरोना को बिलकुल भूल चूके हैं,तभी तो बिना मास्क के वो घूम रहे हैं। लापरवाही की तो हद है....वो भी ऐसे समय में जब हर न्यूजपेपर,न्यूज चैनल सचेत कर चुका है कोरोना के नए वैरिएंट "ओमीक्रान वायरस" को लेकर...फिर भी असावधानी !!!!!
आज के लिए बस इतना ही,कल फिर मिलते हैं....
आज की टैग लाइन रही " कोरोना कायम है "
------ अनुगुंजा
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