हिन्दू धर्म और शंख का बहुत गहरा संबंध है,ऐसा कहा जाता है कि हर हिन्दू के घर में शंख होना चाहिए है,क्योंकि ये घर-परिवार के लिए बहुत शुभ होता है और उससे निकली शंख ध्वनि सारे वातावरण को पावन कर देती है।आज मुझे अपने घर में मेरे नाना जी का बहुत पुराना शंख मिला...जिसका फोटो ऊपर मैं डाली हूँ,ये शंख पीला पड़ गया है पर अब भी देखने में बहुत सुंदर लगता है।शंख को देखने और छूने मात्र से ही भक्ति का,विधाता की शक्ति का और हिन्दू धर्म की पवित्रता का अहसास होता है।ऐसा कहा जाता है कि कोई भी पूजा बिना शंख बजाए पूरी नहीं होती है...शंख की गूंज भक्ति और भगवान को जोड़ देती है।इन्हीं सब मान्यताओं के कारण इस धरती का सबसे प्राचीन धर्म सनातन धर्म है।
ये तो हो गई धर्म की बात....आज मेरे पापा को गांव जाना पड़ा और भाई भी बाहर ही खाना खाया...तो बचे अब बस हम " मम्मी-बेटी "....तो मैंने सोचा कि क्यों न कुछ स्पेशल बनाया जाए,छोटी सी पार्टी ही हो जाए....अरे !!!! भई...ज्यादा न सोचे..बाहर से हमने कुछ नहीं मंगवाया,बल्कि घर में ही कुछ बना डाला।कहते हैं जल्दी का काम शैतान का होता है पर कभी कभी शैतान बनकर शैतानी करने में भी मजा आता है....तो आज मैंने बनाई " चालू बिरयानी ".....चालू शब्द पढ़कर ये मत सोचे कि बिरयानी बकवास होगी,चालू का मतलब जल्दी से है।पहले मेरी थाली की बिरयानी का फोटो देखे और फिर बात को आगे बढ़ाते हैं....
हां....तो मस्त लगी न...मेरी चालू बिरयानी.,सॉरी टेस्ट नहीं करा सकते हैं बस फोटो दिखा सकते हैं।इसको पंद्रह मिनट में मैंने बना डाला....पहले कूकर में घी डाला,फिर सात-आठ काजू को उसमें डालकर भून लिया और निकाल लिया...फिर उसमें तेजपत्ता(दो-तीन) डाला,फिर खड़ा गर्म मसाला का छोटा वाला पूरा पैकेट डाला...साथ में जीरा,गोल मरीच का पाउडर भी डाला...जब फोड़न लाल हो गया तो उसमें बारिक कटा प्याज और लम्बा कटा हरा मिर्च भी डाला और भूना....तबतक एक कटोरी चावल को अच्छे से धो लिया और थोड़ी सी हल्दी मिला लिया चावल में...बस फिर जब प्याज लाल हो गया तो उसमें हल्दी मिला चावल डाला,पानी डाला,नमक डाला और धनिया का पत्ता भी डाला....फिर कूकर का ढक्कन बंद कर गैस पर चढ़ा दिया...दो-तीन सीटी के बाद गैस पर से कूकर उतार लिया और फिर बन गई हमारी चालू बिरयानी।यकीन माने हमारी बिरयानी बहुत टेस्टी बनी थी।
आज संडे था...यानि छुट्टी का दिन.... मेरे भाई को छोटा वाला आइना हाथ में लेकर बाल झारने का बड़ा शौख है...हमारे घर में पेंटिंग का काम चल रहा है तो सब सामान इधर उधर है...कभी कुछ नहीं मिलता है तो कभी कुछ....बेचारा मेरा भाई सुबह से वो आइना खोज रहा था..जब उसने हार मान ली,तो फिर मुझसे सौदा करने आया....बोला कि अगर मैं उसे वो आइना खोजकर दे दूं,तो शाम को वो मेरे लिए समोसा लेकर आएगा।मैं भी कहां कम थी...मैंने भी उसे उसके लहराते बाल का कसम दिला डाला।हालाकि वो आइना मुझे भी नहीं मिला...पर देखते हैं कि भाई समोसा लाता है की नहीं...शाम के छ: बजने वाले हैं अभी तक तो नहीं लाया....कल बताऊंगी...कि लाया की नहीं..
भाई-बहन में इस तरह का मोल भाव चलता रहता है....कभी वो कसम देता है तो कभी हम...,फिर कसम तोड़वाते भी खूब हैं...कसम तोड़वाने का फेमस लाइन " इतना कथी? लोई..तोहर किरिया हम्मर किरिया गंगा जी में धोई "....है।
आज का दिन बड़ा सुकून वाला रहा...कोई धड़ाम भड़ाम नहीं..असल में पेंटर सब नहीं आया था सब पंचायत चुनाव में वोट डालने गया था.....चाय की चुस्की भी जबरदस्त रही,खूब दूध वाली चाय चली आज...
अरे !!!!! एक बात तो बताना ही भूल गए...आज शाम साढे सात बजे से भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मैच जो होने वाला है....मेरा भाई सुबह से हरा टीशर्ट पहना था और बोल रहा था कि आज पाकिस्तान जीतेगा....बस फिर क्या...मेरी मम्मी के गुस्से का घड़ा फूट पड़ा,मम्मी क्रिकेट को लेकर बहुत सीरियस हो जाती है...एकदम " ऑउट ऑफ कंट्रोल "....क्रिकेट की बहुत इमोशनल फैन है मम्मी।हम सबकी की दुआ है कि पाकिस्तान हार जाए और ये मौका भी उसके हाथ से निकल जाए।तो जल्दी जल्दी सब काम कर लेते हैं....मैच शुरू होने से पहले तैयार जो रहना है अपनी भारतीय टीम को सपोर्ट करने के लिए...तो मेरे साथ सब बोलिए जोर से " इंडिया इंडिया "
तो बस आज के लिए इतना ही...कल फिर मिलते हैं....
------ अनुगुंजा
Bahut sundar ,,,
जवाब देंहटाएंThank you...शेयर जरूर करना,हम रोज ब्लॉग लिखते हैं जरूर पढ़ना
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