बुधवार, 22 सितंबर 2021

सुबह आएगी

 चाहे अंधेरा कितना भी हो गहरा,लेकिन सुबह आती है।काले रंग पर सुरज की रौशनी उजाला फैलाती है।जब हमें लगने लगता है कि अब कुछ नहीं हो सकता है

 तभी उम्मीद की एक ज्योत हौसला दे जाती है।अपना पहला ब्लॉग मैं हिम्मत के नाम समर्पित करती हूँ।
                             अनुगुंजा


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