बुधवार, 22 सितंबर 2021

कोटि कोटि प्रणाम


 गुरु चरणों में करते हम वंदन,

इनकी कृपा ही है हमारा जीवन....

हर अंधेरा दूर कर देते हैं मेरे दाता,

इनकी दया से ही भक्त मझधार पार कर पाता....

दुख की छाया को कृपा सुख में बदलते,

हर पीड़ा को गुरुवर पल में हर लेते.....

असफलता में हार कर भी हारने न देते,

जीत की उम्मीद को हौसलों से उड़ान देते.....

समझ में आता क्यों आता गोविंद से पहले गुरु का नाम,

क्योंकि तीनों लोक में गुरु चरण में ही है समाया चारों धाम.....

करते हैं हम कोटि कोटि नमन गुरु चरणों में,

इनका आशीर्वाद रहें सदा हर पल जीवन में.....

                                                    अनुगुंजा



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